कुंडली मिलान: विवाह से पहले कुंडली मिलान क्यों जरुरी है?
भारतीय परंपरा में विवाह केवल एक सामाजिक बंधन नहीं , बल्कि कर्मों से जुड़ा एक गहरा संबंध माना जाता है। यही कारण है कि कुंडली मिलान और होरस्कोप मैचिंग (Horoscope Matching) सदियों से विवाह निर्णयों का अहम हिस्सा रहे हैं। आज के आधुनिक समय में भी लोग शादी से पहले ज्योतिष की मदद से स्पष्टता और संतुलन चाहते हैं। यह ब्लॉग कुंडली मैचिंग/ Kundali Matching को एक सरल , तर्कसंगत और मानवीय दृष्टिकोण से समझाता है — बिना डर , भ्रम या अंधविश्वास के। ज्योतिष में कुंडली क्या है ? कुंडली ( जन्म कुंडली या जन्मपत्रिका ) जन्म की तिथि , समय और स्थान के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें 12 भाव होते हैं , जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे विवाह , करियर , स्वास्थ्य , धन और भावनात्मक संतुलन को दर्शाते हैं। विवाह के संदर्भ में कुंडली यह बताती है : व्यक्ति का स्वभाव भावनात्मक ज़रूरतें मतभेदों को संभालने की क्षमता प्रतिबद्धता का स्तर दीर्घकालिक संबंधों की प्रवृत्ति इसीलिए कुंडली , होरस्कोप ...