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Showing posts from April, 2025

कैसे जानें कुंडली में छुपा है, आपका मकान कब मिलेगा?

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  हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका एक स्वयं का घर हो — एक ऐसी जगह जो केवल उसकी हो, जहां वह अपने परिवार के साथ शांति से रह सके। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके अपने घर का सपना कब पूरा होगा, इसका उत्तर आपकी कुंडली में छिपा होता है? वास्तु योग, गृह प्राप्ति योग, और चतुर्थ भाव जैसे संकेत कुंडली में आपको मकान कब मिलेगा । इस ब्लॉग में जानिए कि कैसे ज्योतिषीय विश्लेषण से यह जाना जा सकता है कि आपका सपनों का घर कब मिल सकता है। साथ ही, हम जानेंगे कि डॉ. विनय बजरंगी , एक जाने–माने वैदिक ज्योतिषाचार्य, इस विषय पर क्या दृष्टिकोण रखते हैं। कुंडली में मकान मिलने के योग कैसे बनते हैं? जब हम किसी की कुंडली का विश्लेषण करते हैं, तो सबसे पहले हम चतुर्थ भाव (4th House) की स्थिति पर ध्यान देते हैं। चतुर्थ भाव को प्रॉपर्टी, घर, माँ, और सुख–सुविधाओं का भाव माना जाता है। अगर इस भाव में शुभ ग्रह बैठे हों या शुभ दृष्टि हो, तो व्यक्ति को जल्दी मकान मिल सकता है। मुख्य कारक ग्रह: चंद्रमा — मानसिक सुख और घर से जुड़ा ग्रह। शुक्र — विलासिता और सुविधाएं प्रदान करने वाला ग्रह। बुध — जमीन–जायदाद के सौदे में समझदा...

Can We Know About Business Success from Birth Date?

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  At startup moments, side hustle moments, and entrepreneurial moments, the question presents itself naturally: Is it possible to know business success by birth date . The reply is in the knowledge of ancient Vedic Astrology. Your birth date, combined with time of birth and birth place, offers powerful indications regarding your potential for business success. A skilled astrologer such as Dr. Vinay Bajrangi, it is easy to detect the hidden planetary energies that manage an individual’s business potential, risk-taking ability, and ability to generate wealth. Business Potential and Birth Date — The Astrological Relationship Your birth chart (or Kundli ) is a star chart, and it begins with your birth date . This seemingly mundane fact determines the basis for computing: – The Lagna (Ascendant)  — your overall personality and response to adversity. – The role of Mercury  — your mind, communication, and commerce ability. – The impact of Mars  — bravery, enterprise, and leadership ...

जानिए अपनी कुंडली से आपका जीवन काल कितना होगा।

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  वैदिक ज्योतिष में जन्म कुंडली का उपयोग व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है। कई लोग यह जानने के इच्छुक होते हैं कि क्या कुंडली के माध्यम से आयु का अनुमान लगाया जा सकता है। हालांकि, यह एक जटिल और संवेदनशील विषय है, जिसे समझने के लिए हमें कुंडली के विभिन्न घटकों और ज्योतिषीय सिद्धांतों का गहन अध्ययन करना होगा। कुंडली में आयु निर्धारण के प्रमुख घटक: 1. आठवां भाव (मृत्यु स्थान): कुंडली का आठवां भाव जीवन की लंबाई, मृत्यु के कारणों और रहस्यमय विषयों से संबंधित होता है। यदि इस भाव में कोई ग्रह स्थित नहीं है, तो इसे शुभ माना जाता है। शुभ ग्रहों की उपस्थिति जीवन की अवधि को बढ़ा सकती है, जबकि अशुभ ग्रह आयु में कमी का संकेत दे सकते हैं। विशेष रूप से, स्त्री की कुंडली में आठवें भाव में पाप ग्रह (अशुभ ग्रह) वैधव्य का संकेत दे सकते हैं। 2. आयुष्करक ग्रह (शनि): शनि ग्रह को आयु का कारक माना जाता है। शनि की स्थिति, उसकी दृष्टि, और अन्य ग्रहों के साथ उसकी युति का विश्लेषण करके आयु के बारे में अनुमान लगाया जाता है। यदि कुंडली में शनि सबसे शक्तिशाली ग्र...

Does Kundali Really Affect Our Life and Personality?

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  In Vedic astrology, a Kundali or birth chart, serves as a celestial map capturing the precise positions of planets and stars at the exact moment of an individual’s birth. This intricate diagram is foundational in understanding various facets of one’s life, including personality traits, behavioral tendencies, and potential life events. But how profound is the influence of a Kundli on our lives and personalities? Let’s delve into Kundali ancient practice to uncover its significance and implications. The Structure of a Kundali A Kundali is systematically divided into twelve houses , each representing distinct aspects of human life: First House (Ascendant/Lagna): Personality, physical appearance, and overall demeanor. Second House: Wealth, possessions, and speech. Third House: Communication, siblings, and short journeys. Fourth House: Home, mother, and inner emotions. Fifth House: Creativity, children, and romance. Sixth House: Health, service, and daily routines. Seventh Hous...

पत्नी की कुंडली का पति की कुंडली पर क्या प्रभाव पड़ता है?

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  वैदिक ज्योतिष में पति–पत्नी के संबंधों की गुणवत्ता को समझने के लिए दोनों की कुंडलियों का विश्लेषण महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से, पत्नी की कुंडली में स्थित ग्रहों और योगों का पति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह प्रभाव पति के करियर, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और मानसिक संतुलन तक विस्तृत हो सकता है। इस लेख में डॉ. विनय बजरंगी आपको बताते हैं कि पत्नी की कुंडली के कौन–कौन से तत्व पति के जीवन को कैसे प्रभावित करते हैं और इन प्रभावों को संतुलित करने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं। पत्नी की कुंडली में महत्वपूर्ण ग्रह और उनके प्रभाव 1. सप्तम भाव (सातवां घर): यह घर विवाह और जीवनसाथी से संबंधित होता है। यदि पत्नी की कुंडली में सप्तम भाव में शुभ ग्रह स्थित हों या इस पर शुभ ग्रहों की दृष्टि हो, तो यह पति के जीवन में सकारात्मकता और सफलता लाने में सहायक होता है। इसके विपरीत, यदि सप्तम भाव में अशुभ ग्रह या पाप ग्रहों की दृष्टि हो, तो यह वैवाहिक जीवन में तनाव और संघर्ष का संकेत दे सकता है। 2. बृहस्पति (गुरु): पत्नी की कुंडली में बृहस्पति को पति का कारक ग्रह माना जाता है।...

Star Sign Impact on Financial Success

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  Astrology has been linked to many aspects of human life, from personality to relationships and even career. But can your zodiac sign foretell your success with money? The majority of people are of the opinion that the stars and planets at the moment of birth can determine one’s attitude towards money, investments, and wealth generation. Dr. Vinay Bajrangi, a renowned Vedic astrologer, is of the view that although finance astrology provides us with the map, it is our choices that guide us to wealth. Let us observe how different star signs could influence financial wealth. Fire Signs: Aries, Leo, and Sagittarius — The Adventurers Individuals born under these fire signs are adventurous, courageous, and leadership-prone. They get drawn towards business undertakings, which entail risk and can be followed by massive rewards. Aries Zodiac Sign is competitive and naturally inclined towards business undertakings and investments. Yet, their tendency to act in haste can make them financia...

कुंडली मिलान आपके विवाह और स्वास्थ्य के लिए कितना प्रभावी है?

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  कुंडली मिलान भारतीय वैदिक ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य विवाह से पूर्व वर और वधू की अनुकूलता का आकलन करना होता है। यह प्रक्रिया न केवल दांपत्य जीवन की सफलता को सुनिश्चित करने में सहायक होती है, बल्कि यह जीवनसाथियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों का भी विश्लेषण करती है। कुंडली मिलान का महत्व विवाह दो व्यक्तियों के बीच एक पवित्र बंधन है, और इसकी सफलता उनके बीच की संगतता पर निर्भर करती है। कुंडली मिलान के माध्यम से, वर और वधू के जन्म नक्षत्रों और ग्रहों की स्थितियों का विश्लेषण किया जाता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनका दांपत्य जीवन सुखमय और समृद्ध हो। यह प्रक्रिया अष्टकूट मिलान या गुण मिलान के रूप में जानी जाती है, जिसमें कुल 36 गुणों का मिलान किया जाता है। सामान्यतः, 18 या उससे अधिक गुणों का मिलान एक सफल विवाह के लिए आवश्यक माना जाता है。 अष्टकूट मिलान के घटक अष्टकूट मिलान में आठ मुख्य घटक होते हैं, जो दांपत्य जीवन के विभिन्न पहलुओं का प्रतिनिधित्व करते हैं: 1. वर्ण (1 गुण) : यह घटक वर और वधू के स्वभाव और आध्यात्मिक अनुकूल...

Do You Believe in Matching Kundli Before Marriage?

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  Marriage is one of the biggest achievements in a person’s life, and Kundli Matching is a process under Vedic Astrology that is very important for having a smooth and successful life after marriage. Do you ever realize What if matching score is low ? Let us inform you why we need to perform it and how it affects life after marriage. What is Kundli Matching? Horoscope Matching or Kundli Matching is an extremely ancient Vedic custom in which two individuals’ horoscopes are matched to evaluate the compatibility of the two individuals. It’s a test of planetary positioning, Guna Milan, and Dosha research to establish relationship vigor. Here, the horoscopes of the two partners are matched on the Ashtakoota Milan scale, where eight various aspects of compatibility are considered. These are Varna (mental compatibility), Vashya (attraction towards each other), Tara (health compatibility), Yoni (sex compatibility), Graha Maitri (compatibility of planets), Gana (temperament matching), Bhak...